Kabir Doha on Patience: धीरे-धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय

धीरे-धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय, माली सींचे सौ घड़ा, ॠतु आए फल होय। (Be patient, my mind. Everything takes its own time to take place. Look – even […]

How Can Indians Become Tolerant? By Understanding Kabir!

हिन्दू कहें मोहि राम पियारा, तुर्क कहें रहमाना, आपस में दोउ लड़ी-लड़ी  मुए, मरम न कोउ जाना। (Hindus say we worship Rama and Muslims say Rahman. They both die, fighting […]

Kabir Doha on Awareness: नींद निशानी मौत की, उठ कबीरा जाग

नींद निशानी मौत की, उठ कबीरा जाग, और रसायन छाँड़िके, नाम रसायन लाग (Unawareness is a sign of death, wake up, Kabira! Leave aside all the drugs and practice the […]